RMP डॉक्टर कैसे बनें? इसके लिए आवश्यक योग्यताएं
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आपातकालीन और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में RMP डॉक्टरों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, बहुत से लोगों को RMP डॉक्टर बनने के लिए आवश्यक योग्यताओं, कानूनी नियमों और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी नहीं होती है। रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (RMP) बनने के लिए बुनियादी चिकित्सा ज्ञान, उचित प्रशिक्षण और प्रमाणन की आवश्यकता होती है। इस लेख में हम RMP डॉक्टर बनने के बारे में पूरी जानकारी और इसके कानूनी पहलुओं को समझेंगे।
1. RMP डॉक्टर कौन होता है? (Who is an RMP Doctor?)
चिकित्सा शब्दावली में RMP को लेकर दो अलग-अलग दृष्टिकोण हैं:
- **आधिकारिक परिभाषा:** नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा मान्यता प्राप्त MBBS या इसके समकक्ष डिग्री पूरी करने वाले और स्टेट मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत डॉक्टर को आधिकारिक रूप से 'रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर' (RMP) कहा जाता है।
- **ग्रामीण उपयोग (Rural Medical Practitioner):** ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में, जो लोग बिना MBBS डिग्री के केवल अनुभव के आधार पर प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करते हैं, उन्हें भी आम बोलचाल में 'रूरल मेडिकल प्रैक्टिशनर' या RMP कहा जाता है।
कानूनी अंतर (Legal Difference)
कानून के अनुसार, केवल वही व्यक्ति 'डॉक्टर' की उपाधि का उपयोग कर सकते हैं और एलोपैथिक दवाएं लिख सकते हैं, जिन्होंने MBBS की पढ़ाई की है और स्टेट मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराया है। बिना MBBS डिग्री वाले लोगों को कानूनी रूप से एलोपैथिक दवाएं लिखने का अधिकार नहीं है।
2. आधिकारिक RMP कैसे बनें?
कानूनी रूप से रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर बनने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों को पूरा करना होगा:
- **NEET परीक्षा:** सबसे पहले, आपको नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET - UG) पास करना होगा।
- **MBBS डिग्री:** NMC से मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप सहित 5.5 साल का MBBS कोर्स पूरा करना होगा।
- **इंटर्नशिप:** मान्यता प्राप्त अस्पताल में इंटर्नशिप पूरी करके व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य है।
- **मेडिकल काउंसिल पंजीकरण:** डिग्री और इंटर्नशिप पूरी होने के बाद, स्टेट मेडिकल काउंसिल से पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने पर आपको आधिकारिक रूप से 'RMP' का दर्जा मिल जाता है।
3. ग्रामीण चिकित्सकों (Rural Practitioners) के लिए पाठ्यक्रम और अवसर
जिन लोगों ने आधिकारिक MBBS नहीं किया है, लेकिन चिकित्सा क्षेत्र में अनुभव रखते हैं और ग्रामीण लोगों की सेवा करना चाहते हैं, उनके लिए कुछ वैकल्पिक पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र उपलब्ध हैं:
- **वैकल्पिक चिकित्सा पंजीकरण (Alternative Medicine RMP):** नेचुरोपैथी (प्राकृतिक चिकित्सा), एक्यूपंक्चर जैसी वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों में कम से कम 3 साल का व्यावहारिक अनुभव रखने वाले और 12वीं पास उम्मीदवार संबंधित बोर्डों के माध्यम से RMP प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं।
- **राज्य स्तरीय मान्यता:** तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में, स्थानीय RMP संघ अनुभव के आधार पर प्रमाणपत्र (जैसे 3 साल के अनुभव के लिए 'आरोग्य सेवा मित्र', 5 साल के लिए 'आरोग्य सेवा रत्न') प्रदान करते हैं।
4. पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
चाहे आधिकारिक मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराना हो या वैकल्पिक संस्थाओं के माध्यम से, आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- शैक्षणिक प्रमाणपत्र (10वीं, 12वीं, डिग्री)।
- इंटर्नशिप पूरा होने का प्रमाण (MBBS वालों के लिए)।
- मेडिकल लाइसेंस (मेडिकल काउंसिल से प्राप्त)।
- सरकारी पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि)।
5. कानूनी दिशा-निर्देश और सीमाएं (Legal Guidelines & Limitations)
बिना MBBS वाले गैर-योग्य (अनुभवी) ग्रामीण चिकित्सकों को कानूनी सीमाओं का सख्ती से पालन करना चाहिए। MBBS या उचित योग्यता के बिना चिकित्सा का अभ्यास करना या एलोपैथिक (अंग्रेजी) दवाएं लिखना कानूनी अपराध है। बिना पंजीकरण के अनधिकृत अभ्यास करने पर कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना हो सकता है। इसलिए, ग्रामीण RMP को केवल प्राथमिक उपचार (First Aid) प्रदान करना चाहिए और गंभीर मामलों को तुरंत योग्य डॉक्टरों के पास रेफर करना चाहिए।
चिकित्सा शब्दावली में RMP का अर्थ 'रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर' (Registered Medical Practitioner) है। इसका आधिकारिक मतलब वह डॉक्टर है जिसने मान्यता प्राप्त MBBS डिग्री पूरी की है और स्टेट मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत है।
नहीं। कानून के अनुसार, MBBS (या समकक्ष) डिग्री और स्टेट मेडिकल काउंसिल पंजीकरण के बिना किसी को भी एलोपैथिक दवाएं लिखने का अधिकार नहीं है। ऐसा करना गैरकानूनी है।
हाँ, अप्रत्यक्ष रूप से। भारत में आधिकारिक तौर पर RMP का दर्जा पाने के लिए आपको MBBS पढ़ना होगा, और MBBS में प्रवेश के लिए NEET परीक्षा पास करना अनिवार्य है।
हालांकि बोलचाल की भाषा में इन्हें 'रूरल मेडिकल प्रैक्टिशनर' कहा जाता है, लेकिन इनके पास स्टेट मेडिकल काउंसिल का पंजीकरण नहीं होता है। कानूनी तौर पर उन्हें एलोपैथिक चिकित्सा करने का अधिकार नहीं है। वे केवल प्राथमिक उपचार (First Aid) ही प्रदान कर सकते हैं।
यदि आपने 12वीं कक्षा पास की है और एक्यूपंक्चर या नेचुरोपैथी जैसी वैकल्पिक चिकित्सा में कम से कम 3 साल का व्यावहारिक अनुभव रखते हैं, तो आप कुछ निर्धारित वैकल्पिक चिकित्सा संस्थानों के माध्यम से RMP प्रमाणन प्राप्त कर सकते हैं।
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